Mullanpur Cricket Stadium Pitch Report: आईपीएल 2026 का चौथा और पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस का पहला मुकाबला 31 मार्च को महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ का ये मैदान अपनी धीमी पिच के लिए जाना जाता है, मगर आईपीएल मैचों में इसकी पिच दो तरह का बर्ताव करती है। इसलिए हम पिछले 5 आईपीएल मैचों के आंकड़ों के अनुसार पिच की स्तिथि बताने वाले है।

मुल्लांपुर स्टेडियम की पिच का मिजाज (Mullanpur Cricket Stadium Pitch Report IPL 2026)
मुल्लांपुर की पिच काली और लाल मिट्टी से बनाई गई है और इसी के आधार पर यह दोहरा बर्ताव करती है। जब मैच काली मिट्टी की पिच पर खेला जाता है तो गेंदबाजों को ज्यादा उछाल मिलता है, लेकिन साथ में बल्लेबाजों को भी फायदा होता है। इस काली मिट्टी की पिच पर नई गेंद काफी स्विंग होती है और शुरूआती ओवर बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा करते है। मगर कुछ ओवर खेलने के बाद गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है और फिर स्कोर तेजी से आगे बढ़ने लगता है।
अगर लाल मिट्टी की पिच की बात करें तो पूरी तरह से गेंदबाजों की मदद करती है और बल्लेबाजों को एक-एक रन लेकर ही काम चलाना पड़ता है। इस पिच पर गेंदबाज शुरू से हावी हो जाते है और बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में जल्दी आउट हो जाते है। इसलिए बल्लेबाज इस लाल मिट्टी की पिच पर ज्यादा देर टिक नहीं पाता है और रन बनाने के लिए तरसता रहता है।
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लाल और काली मिट्टी की पिचों पर गेंदबाजों का प्रदर्शन
ये दोनों तरह की पिच अपने अलग-अलग अंदाज के लिए जानी जाती है और दोनों पर खेल का नजारा बदलता रहता है। अगर काली मिट्टी की पिच पर गेंदबाजी की बात करें तो नमी होने के कारण कुछ हद तक विकेट लेने में परेशानी होती है। जबकी पिच सूख जाती है तो फिर स्पिनर्स को फायदा होने लगता है। जबकी लाल मिट्टी की पिच मैच के शुरू होने से ही गेंदबाजों की मदद करने लग जाती है और पेसर्स के साथ स्पिनर्स की भी अच्छी मदद करती है।
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पिछले 5 आईपीएल मैचों में पिच का प्रदर्शन
आईपीएल 2026 में इस मैदान पर यह पहला मैच खेला जा रहा है, इसलिए हम पिछले सीजन के 5 मैचों के आंकड़े लेकर आए है। पिछले साल का क्वालीफायर मुकाबला और एलिमिनेटर मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया था और दोनों मैचों में पिच (New Chandigarh Stadium Pitch Report) ने अलग-अलग बर्ताव किया था।
इस पिच से क्वालीफायर मैच में गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिली थी और स्कोर 100 रन के करीब बना था, जबकी एलिमिनेटर मुकाबले में बल्लेबाजों की मौज होने से दोनों टीमों ने 200 रन से ज्यादा का स्कोर बनाया था। वहीं इनसे पहले खेले गए तीन मुकाबलों में से पिच ने 2 मैचों में गेंदबाजों की मदद की थी और 1 मैच में बल्लेबाजों के पक्ष में रही थी।
| मैच | पहली पारी | दूसरी पारी | जीत | पिच का व्यवहार |
| MI vs GT | 203/6 | 207/5 | GT (3 विकेट से) | बल्लेबाजों को फायदा |
| PBKS vs RCB | 101 | 106/2 | RCB (8 विकेट से) | गेंदबाजों को मदद मिली |
| PBKS vs RCB | 157/6 | 159/3 | RCB (7 विकेट से) | संतुलित पिच |
| PBKS vs KKR | 111 | 95 | PBKS (16 रन से) | गेंदबाजों को मदद मिली |
| PBKS vs CSK | 219/6 | 201/5 | PBKS (18 रन से) | बल्लेबाजों को फायदा |
मुल्लांपुर स्टेडियम का औसत स्कोर और हेड टू हेड रिकॉर्ड जानें
मुल्लांपुर स्टेडियम पर औसत स्कोर भी पिच की स्तिथि के अनुसार बनता है और काली मिट्टी की पिच पर टीम 200 रन भी पार कर लेती है। जबकी लाल मिट्टी की पिच पर औसत स्कोर 140 से 150 रन के आसपास रहता है और कई बार टीमों को 100 रन बनाने में भी पसीने छूट जाते है। वहीं यहां खेले गए ज्यादातर मुकाबलों में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है, क्योंकि शाम के मैचों में ओस गिरने का पूरा फायदा मिलता है।
परमजीत, Cricgyan के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं और पिछले 10 वर्षों से क्रिकेट जगत को करीब से देख रहे हैं। उन्हें क्रिकेट की ताज़ा खबरें देने, पिच रिपोर्ट और आंकड़ों के विश्लेषण में महारत हासिल है। इसलिए 2023 से सभी क्रिकेट प्रेमियों को सबसे तेज और सटीक खबरें प्रदान कर रहे हैं।





